तालाबंदी के दौरान मुंबई और सूरत में फंसे मजदूरों की दुर्दशा की तस्वीरें देखने के बाद मध्य प्रदेश सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने निर्णय लिया है कि देश के अन्य राज्यों में तालाबंदी से फंसे मध्यप्रदेश के सभी श्रमिकों को उनके खाते में 1000 रुपये की राहत राशि जमा की जाएगी।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बुधवार को प्रदेश अध्यक्ष वी.डी. शर्मा, केंद्रीय महामंत्री सुहास भगत और पार्टी के सांसदों, विधायकों और जिला अध्यक्ष के साथ चर्चा की। इस बीच, सीएम शिवराज ने कहा कि उन्हें मध्य प्रदेश के बाहर के इलाकों में फंसे मजदूरों के नाम, मोबाइल नंबर और बैंक खातों की सूची तैयार करने में प्रशासन की सहायता करनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि जैसे ही सूची प्राप्त होती है, तुरंत उनके खाते में एक हजार रुपये की सहायता भेजी जाएगी। यह राशि उस जगह से काटी जा सकती है, जहां मजदूर हैं। जिससे वे अपनी दैनिक जरूरतों को पूरा कर सकेंगे। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि इस स्थिति में फंसे श्रमिक मध्यप्रदेश नहीं लौट पाएंगे। उनकी जरूरतों को वहीं पूरा करना हमारी जिम्मेदारी है। हम उनके खाते में तत्काल सहायता राशि भेजेंगे।
सीएम शिवराज ने कहा कि जरूरत पड़ने पर यह सहायता दोबारा भी प्रदान की जा सकती है। साथ ही, उन राज्यों के मुख्यमंत्रियों से बात करने के बाद, उनके भोजन, राशन, आश्रय आदि की व्यवस्था की गई है। वहीं, प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने कहा कि मध्य प्रदेश में कोई भूखा नहीं है, किसी को राशन की कमी नहीं है, इसके लिए बड़े पैमाने पर प्रयास किए जा रहे हैं। लोगों को अनाज, राशन सहित महत्वपूर्ण वस्तुएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।